नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में गुरुवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टकराव की स्थिति बनी रही। राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच तीखी बहस हुई, जबकि लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग दोहराई, वहीं सरकार ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “क्या बोलना है, कब बोलना है और कैसे बोलना है, यह तय करना मेरा अधिकार है। मैं केवल अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग कर रहा हूं। सत्ता पक्ष हमारे सांसदों का अपमान कर रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें किरेन रिजिजू से सीखना पड़ेगा कि सदन में कब और कैसे बोलना है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए कहा, “कोई भी सदस्य एक ही मुद्दे पर बार-बार नहीं बोल सकता। कांग्रेस अपने नए सांसदों को बोलने का अवसर तक नहीं दे रही है। संसदीय कार्य मंत्री के नाते मैं चाहता हूं कि नए सांसदों को भी सदन में अपनी बात रखने का मौका मिले।”
उधर, लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी। ओम बिड़ला ने कहा कि “विपक्ष का आचरण उचित नहीं है। देश सरकार का जवाब सुनना चाहता है, लेकिन लगातार हंगामे से सदन नहीं चल पा रहा है।”
संसद परिसर में विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया और छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह संसद पहुंचे। माना जा रहा है कि वे विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA Amendment Bill) पर चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष रख सकते हैं।
लगातार गतिरोध के चलते राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे और बाद में 2:15 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच टकराव लगातार गहराता जा रहा है, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।


