कायमगंज/फर्रुखाबाद। मोहर्रम के 40वें दिन मनाए जाने वाले चेहल्लुम (अरबईन) के अवसर पर मंगलवार को कायमगंज नगर में अकीदत और गम का माहौल रहा। हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन किया गया, जहां उलेमा ने कर्बला की घटना पर प्रकाश डालते हुए इमाम हुसैन की शहादत, इंसाफ, सच्चाई और इंसानियत के लिए दिए गए उनके महान बलिदान को याद किया।
चेहल्लुम के मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कुरआनखानी, फातिहा और दुआ का आयोजन किया। साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों के बीच भोजन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण भी किया गया। पूरे नगर में मातमी धुनों और नौहाखानी के बीच अकीदतमंदों ने आलम और ताज़िए उठाकर श्रद्धापूर्वक जुलूस निकाले।
कटरा रहमत खां, शेखों महल, भुड़िया, पहाड़ी, कोट बड़ा बाजार सहित नगर के विभिन्न मोहल्लों से ताज़िए और आलम के जुलूस निकले, जिनमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए हमीरपुर टिलिया स्थित कर्बला पहुंचे, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार ताज़ियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
चेहल्लुम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार द्विवेदी और कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार शुक्ल भारी पुलिस बल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने जुलूस मार्गों पर सतर्क निगरानी रखी, जिससे पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
चेहल्लुम के अवसर पर नगर में भाईचारे, धार्मिक आस्था और अनुशासन का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इमाम हुसैन की शहादत को इंसानियत, न्याय और सत्य की राह पर चलने की प्रेरणा बताते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया।
चेहल्लुम पर अकीदतमंदों ने उठाए आलम और ताज़िए, इमामबाड़ों में हुईं मजलिसें, शांतिपूर्ण ढंग से निकले जुलूस


