33 C
Lucknow
Monday, August 3, 2026

‘तपती धरती: संकट में दुनिया’ विषय पर विचार गोष्ठी, जलवायु संरक्षण का लिया संकल्प

Must read

 

रामभीख राजरानी डिग्री कॉलेज में ‘करेंट एजेंडा’ के जलवायु संकट विशेषांक का हुआ विमोचन

बाराबंकी। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे और पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक बनाने के उद्देश्य से रामभीख राजरानी डिग्री कॉलेज, मलूकपुर गढ़िया (बाराबंकी) में सोमवार को पत्रिका ‘करेंट एजेंडा’ के ‘जलवायु संकट’ विशेषांक पर आधारित “तपती धरती: संकट में दुनिया” विषयक विचार गोष्ठी एवं पत्रिका विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. अनूप पटेल ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने सबसे गंभीर संकट बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान, अनियमित मौसम, सूखा, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाएं इसी संकट का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि वनों की अंधाधुंध कटाई, नदियों से बालू का अवैध दोहन, बढ़ता प्रदूषण और उपभोक्तावादी जीवनशैली पर्यावरणीय असंतुलन को लगातार बढ़ा रही है।
उन्होंने कहा कि ग्लेशियरों का तेजी से पिघलना, हरित क्षेत्रों की जगह कंक्रीट के जंगलों का विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, वर्षा जल संचयन को अपनाने तथा ठोस एवं द्रव अपशिष्टों के वैज्ञानिक प्रबंधन की अपील की।
विशिष्ट वक्ता डॉ. आलोक यादव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन अब केवल वैज्ञानिकों का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और स्वस्थ पर्यावरण नहीं बचा तो मानव सभ्यता का अस्तित्व भी खतरे में पड़ जाएगा। इसलिए समाज के प्रत्येक वर्ग को इस विषय पर गंभीर चर्चा करते हुए पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस पहल करनी होगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वीर बहादुर सिंह ने कहा कि जल, जंगल और जमीन का संतुलित एवं वैज्ञानिक प्रबंधन ही भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने घरों, विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों में पौधरोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन सुल्तान मेहंदी ने किया। इस अवसर पर सुश्री मयंका वर्मा, श्री चरन सिंह, सुश्री ज्योति वर्मा, श्री अमित श्रीवास्तव, श्री सचिन रावत, श्री अनुज कुमार सिंह, सुश्री सुनैना, सुश्री निधि मौर्य सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जलवायु संकट केवल सरकारों की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाकर ही धरती को सुरक्षित और भविष्य को बेहतर बनाया जा सकता है।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article