बढ़ते जलस्तर के चलते सुरक्षा के मद्देनज़र रोकी गई विद्युत आपूर्ति, हजारों ग्रामीण परेशान
अमृतपुर: गंगा नदी की विकराल होती बाढ़ का असर अब विद्युत व्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। बढ़ते जलस्तर और विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए दो दर्जन से अधिक बाढ़ प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति एहतियातन बंद कर दी गई है, जिससे हजारों ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।जेई शिवम तिवारी ने बताया कि गंगा का पानी लगातार बढ़ने और बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मरों के पानी से घिर जाने के कारण सुरक्षा के दृष्टिकोण से माखन नगला, कालिका नगला, टपुआ, करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, मंझा फखरपुर, बनारसीपुर, किचन, सुभानपुर समेत दो दर्जन से अधिक गांवों की विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद की गई है। उन्होंने कहा कि जलस्तर कम होते ही विद्युत लाइनों और उपकरणों का निरीक्षण कर सुरक्षित पाए जाने पर चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।बिजली बंद होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की परेशानियां कई गुना बढ़ गई हैं। रात होते ही गांव अंधेरे में डूब जाते हैं। मोबाइल चार्जिंग, पेयजल, बच्चों की पढ़ाई और बीमार व बुजुर्गों की देखभाल जैसी जरूरी सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं अंधेरे के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है।ग्रामीणों ने प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की है कि हालात सामान्य होते ही जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए और तब तक प्रभावित गांवों में वैकल्पिक रोशनी एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बाढ़ के बीच लोगों को कुछ राहत मिल सके।


