पैमाइश में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल पर प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश; अधिकारियों को चेतावनी— शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
अमृतपुर: तहसील अमृतपुर सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की भारी भीड़ उमड़ी। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 138 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 4 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।समाधान दिवस के दौरान सबसे अधिक 55 शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुईं। इसके अलावा पुलिस विभाग की 26, विकास विभाग की 22, खाद्य एवं रसद विभाग की 8, विद्युत विभाग की 6 तथा अन्य विभागों की 21 शिकायतें दर्ज की गईं।जनसुनवाई के दौरान उस समय माहौल गंभीर हो गया, जब लीलापुर निवासी रामभरोसे पुत्र मुन्नालाल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह चार भाइयों का संयुक्त परिवार है और करीब आठ बीघा कृषि भूमि की पैमाइश लंबे समय से लंबित है। कई बार शिकायत करने के बावजूद राजस्व विभाग के अधिकारियों ने पैमाइश नहीं कराई, जिससे उन्हें लगातार परेशानी उठानी पड़ रही है।शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर उन्होंने संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के निर्देश जारी कर दिए। साथ ही भूमि की पैमाइश तत्काल कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी की इस सख्त कार्रवाई से तहसील परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।इसके अलावा नगला हंसा निवासी अनुप कुमार ने राशन कार्ड बनवाने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया, जबकि कुबेरपुर कुतलूपुर निवासी मेघराज सिंह ने निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। जिलाधिकारी ने दोनों मामलों में जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही, टालमटोल या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आई तो उसके विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।समाधान दिवस के समापन के बाद जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक आरती सिंह, उपजिलाधिकारी श्वेता साहू, तहसीलदार शशांक सिंह, नायब तहसीलदार अभिषेक सिंह, खंड विकास अधिकारी सुनील कुमार जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और उनके शीघ्र एवं निष्पक्ष निस्तारण का भरोसा दिलाया।


