लखनऊ। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक संसद से पारित हो गया है। विधेयक पारित होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं को बधाई देते हुए इसे परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल और परीक्षा माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के करोड़ों मेहनती और प्रतिभाशाली युवाओं के हितों की रक्षा करेगा तथा उन्हें निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक परीक्षा विधेयक का कानून बनना परीक्षा माफिया पर कठोर प्रहार है। इससे भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का मार्ग प्रशस्त होगा और ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए कानून के लागू होने से योग्यता आधारित चयन प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। इससे ईमानदार अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ेगा तथा सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है तथा यह कानून उसी संकल्प का महत्वपूर्ण परिणाम है।


