बदायूं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बदायूं में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने सामाजिक न्याय, पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक), पेपर लीक, कानून-व्यवस्था, लाठीचार्ज और धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों पर सरकार को निशाने पर लिया।
अखिलेश यादव ने कहा कि “विधायक जी का पूरा जीवन लोगों की सेवा में निकल गया। संघर्ष करके उन्होंने राजनीति में अपना स्थान बनाया।” उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रही है और उन्हें विश्वास है कि आने वाले समय में पीडीए समाज एकजुट होकर सरकार बनाएगा।
उन्होंने युवाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि “मुझे खुशी है कि केवल दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में नौजवान आगे आ रहे हैं। झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए।”
लाठीचार्ज की घटनाओं का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “जिन लोगों ने लाठियां खाईं, उन्हें पता है कि लाठी किसने मारी, लेकिन चलाने वाले यह नहीं बता रहे कि आदेश किसका था। जो सरकार पहले सुनती नहीं थी, वह अब कम से कम सुनने लगी है, लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अभी भी बात नहीं समझ रहे हैं।”
भदोही जिले के नाम परिवर्तन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “भदोही का नाम बदलना अच्छी बात है, लेकिन जिन संत रविदास जी के नाम पर जिले का नाम रखा गया है, उनके विचारों को भी अपनाना चाहिए।”
नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “जब सरकार की नीयत साफ होगी, तभी नीट जैसी परीक्षाएं भी निष्पक्ष होंगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद 20 से अधिक पेपर लीक हुए हैं।”
अखिलेश यादव ने धार्मिक चढ़ावे की कथित चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि “प्रभु राम के ऊपर चढ़ावा आया और उसकी चोरी हो गई। यह महापाप और महाअपराध है। इसकी सजा जनता देगी।”
उन्होंने एसआईटी जांच का भी उल्लेख करते हुए कहा कि “उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी बनाई थी, उसकी जांच में कुछ बातें सामने आई हैं। अब दिल्ली में बड़ी एसआईटी बनी है तो बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।”


