फर्रुखाबाद। जनपद में ध्वनि प्रदूषण और यातायात नियमों के उल्लंघन पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार को मॉडिफाइड साइलेंसर तथा प्रेशर हॉर्न (हूटर) के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देश पर एआरटीओ (प्रवर्तन) सुभाष राजपूत और यातायात प्रभारी ओम प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में नगर क्षेत्र में सघन चेकिंग की गई।
अभियान के दौरान प्रेशर हॉर्न का प्रयोग करते मिले 3 ट्रकों को सीज कर दिया गया। इन वाहनों पर कुल 30,000 का जुर्माना लगाया गया। वहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगी 3 बुलेट मोटरसाइकिलों का चालान करते हुए 67,000 का जुर्माना लगाया गया। साथ ही संबंधित वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) तीन माह के लिए निलंबित किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
चेकिंग टीम ने कादरीगेट थाना क्षेत्र स्थित रॉयल एनफील्ड के अधिकृत विक्रेता अंकुर ऑटो एजेंसी की वर्कशॉप का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सर्विस के लिए आई एक बुलेट मोटरसाइकिल में मॉडिफाइड साइलेंसर लगा मिला। टीम ने मौके पर ही उसका चालान कर 20,000 का जुर्माना लगाया तथा मॉडिफाइड साइलेंसर हटवाया।
इसके बाद शहर की अन्य मोटरसाइकिल रिपेयरिंग दुकानों और गैराजों का भी सर्वे किया गया। दुकानदारों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि उनके परिसर में मॉडिफाइड साइलेंसर या प्रतिबंधित उपकरण पाए गए तो उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग ने बताया कि परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार अब केवल वाहन चालकों ही नहीं, बल्कि मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर लगाने वाले डीलर, मोटर गैराज और वर्कशॉप संचालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में प्रति उपकरण ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
परिवहन विभाग ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि किसी वाहन में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर का प्रयोग होता दिखाई दे तो इसकी शिकायत विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-151 और 149 पर दर्ज कराई जा सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वाहन में अवैध रूप से बदलाव कर मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने पर पहली बार पकड़े जाने पर 10,000 तक का जुर्माना, तीन माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन तथा वाहन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) के निलंबन की कार्रवाई मोटरयान अधिनियम के तहत की जाएगी।
प्रशासन ने कहा कि सड़क सुरक्षा और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई की जाएगी।


