दतिया में तेज मतदान, बांकीपुर में आरोप-प्रत्यारोप, मंजलपुर में भी वोटिंग जारी
नई दिल्ली। बिहार की बांकीपुर, मध्य प्रदेश की दतिया और गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा। निर्वाचन आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों और स्थानीय पुलिस की तैनाती की है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जबकि वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कैमरों के जरिए मतदान प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर मतदाताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह 11 बजे तक यहां 34.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इससे पहले सुबह 9 बजे तक 16.33 प्रतिशत मतदान हुआ था। हालांकि बसई क्षेत्र के लखनपुर गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कुछ समय के लिए मतदान का बहिष्कार किया, लेकिन प्रशासन के समझाने के बाद मतदान फिर सामान्य रूप से शुरू हो गया।
दतिया पहुंचे मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि भीषण उमस के बावजूद दतिया की माताएं, बहनें और बेटियां घर के कामकाज निपटाने के बाद मतदान करने जरूर निकलेंगी। उन्होंने दावा किया कि इस उपचुनाव में भाजपा की जीत तय है और जीत के बाद क्षेत्र में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। उन्होंने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील भी की।
उधर बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर सुबह 11 बजे तक 11.50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां चुनावी माहौल के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके समर्थकों को परेशान कर रही है और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता अंततः लोकतंत्र के पक्ष में मतदान करेगी।
वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेताओं ने भाजपा पर चुनावी माहौल को प्रभावित करने और धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। राजद का कहना है कि जनता भाजपा की रणनीति को समझ चुकी है और उपचुनाव में उसे करारा जवाब देगी।
गुजरात की मंजलपुर विधानसभा सीट पर भी शांतिपूर्ण माहौल में मतदान जारी है। निर्वाचन आयोग के अनुसार तीनों राज्यों में मतदान प्रक्रिया अब तक सामान्य रही है और किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन ने मतदाताओं से बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है।
इन तीनों सीटों के उपचुनाव को संबंधित राज्यों की राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है। राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा इन चुनावों से जुड़ी हुई है और सभी की नजरें मतदान प्रतिशत के साथ-साथ आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं। परिणाम तय करेंगे कि जनता ने किस दल की नीतियों और दावों पर सबसे अधिक भरोसा जताया है।


