वाराणसी। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने श्री गुरु रविदास जन्मस्थान मंदिर में दर्शन-पूजन, प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और संत रविदास घाट पर दीपोत्सव में भी भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास जी ने समता, सद्भाव और कर्मप्रधान समाज का संदेश दिया, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जमीनी स्तर पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 से देश के 81 करोड़ लोगों को बिना किसी जाति, धर्म या क्षेत्र का भेदभाव किए नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कई बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि भदोही का नाम फिर से ‘संत रविदास नगर’ किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जनपद में संत रविदास जी के नाम पर एक-एक आवासीय विद्यालय स्थापित किया जाएगा।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि “समाज को बांटने वालों के आदर्श बाबर और औरंगजेब हैं, जबकि हमारी संस्कृति जोड़ने और समरसता का संदेश देने वाली है।” उन्होंने सभी नागरिकों से संत रविदास जी के विचारों को जीवन में अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने काशी के कोतवाल श्री काल भैरव तथा बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।


