नई दिल्ली। देशभर में मानसून अपने सबसे सक्रिय दौर में पहुंच गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से उत्तर, मध्य, पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों में लगातार भारी से अति भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले चार से छह दिनों तक कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
लगातार बारिश के कारण गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और पंजाब सहित कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। गुजरात में बाढ़ जैसे हालात बनने से अहमदाबाद के निकट स्थित वाहन निर्माण इकाइयों और उनसे जुड़ी कई औद्योगिक इकाइयों में कामकाज अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है, जिससे उत्पादन प्रभावित हुआ है।
उत्तराखंड में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा एहतियातन दो दिनों के लिए रोक दी गई है। कई मार्ग बंद होने के कारण श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है। चंपावत, बागेश्वर और टिहरी जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अत्यधिक वर्षा का लाल चेतावनी संदेश जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश से नदियां और नाले उफान पर हैं। कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं तथा बिजली गिरने की घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है। राहत एवं बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी बारिश के कारण सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। कई शहरों में घंटों तक जाम लगा रहा और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। लाखों लोग प्रभावित हैं और हजारों हेक्टेयर फसल जलमग्न हो चुकी है। राज्य सरकार राहत एवं पुनर्वास कार्यों में जुटी हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने सभी संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन दलों को सतर्क कर दिया है तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।


