नई दिल्ली। लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर छात्रों के आंदोलन को दबाने का आरोप लगाते हुए कहा कि “छात्रों को सड़कों से हटाया जा सकता है, लेकिन उनके सवालों को नहीं। लाठियां छात्रों की पीठ से ज्यादा सरकार की साख पर पड़ी हैं।”
प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि छात्रों पर बल प्रयोग का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री युवाओं का विश्वास जीतना चाहते हैं तो केवल कैमरे का एंगल बदलने से नहीं, बल्कि अपने दिल का एंगल बदलने से बदलाव आएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह विफल हो चुकी है और पिछले दस वर्षों में 152 पेपर लीक से 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ, जबकि किसी बड़े माफिया को सजा नहीं मिली।
कांग्रेस सांसद ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, निष्पक्ष जांच और युवाओं का भरोसा बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि सरकार को केवल समितियां बनाने के बजाय ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं सत्ता पक्ष ने विधेयक को परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और नकल व पेपर लीक पर सख्ती से रोक लगाने वाला अहम कदम बताया। सदन में इस मुद्दे पर देर तक तीखी बहस जारी रही।


