प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में 10 जुलाई से चल रहा छात्रों का क्रमिक धरना प्रदर्शन सोमवार को 19वें दिन भी जारी रहा। छात्र विश्वविद्यालय एवं छात्रावास की लगातार बढ़ाई जा रही फीस को वापस लेने तथा स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों में 6000 से अधिक सीटों की कटौती पर तत्काल रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि 25 जुलाई को धरना स्थल से प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से गद्दा, त्रिपाल, मच्छरदानी, चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा और आंदोलन से संबंधित किताबें हटवा ली गईं, जिसे छात्र चोरी की घटना बता रहे हैं। इस घटना के बाद आंदोलनकारी छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
धरने के 19वें दिन छात्रनेता आशुतोष मौर्य के नेतृत्व में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए कुलपति की प्रतीकात्मक अर्थी निकाली और पिंडदान कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों को तत्काल स्वीकार किए जाने की मांग की।
छात्रनेता आशुतोष मौर्य ने कहा कि जब तक विश्वविद्यालय प्रशासन फीस वृद्धि वापस नहीं लेता और सीटों में की गई कटौती को निरस्त नहीं करता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटने वाले नहीं हैं और मांगें पूरी होने तक धरना प्रदर्शन लगातार चलता रहेगा।यदि चाहें तो इसे और अधिक धारदार, अखबार की फ्रंट पेज शैली या राजनीतिक विश्लेषण के साथ भी तैयार किया जा सकता है।


