लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दवाओं की कथित कालाबाजारी और अनियमितताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए ) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग ने जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद 16 दवा फर्मों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन फर्मों के लाइसेंस रद्द करने के साथ-साथ इन्हें ब्लैकलिस्ट करने की भी तैयारी चल रही है।
एफएसडीए की जांच में सामने आया कि कई फर्में दवा वितरण और भंडारण से जुड़े नियमों का उल्लंघन कर रही थीं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कैसरबाग और अमीनाबाद थानों में संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर संबंधित फर्मों के ड्रग लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे, ताकि भविष्य में वे दवा कारोबार नहीं कर सकें। साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी, जिससे सरकारी खरीद और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी पर रोक लग सके।
एफएसडीए का कहना है कि मरीजों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दवाओं की कालाबाजारी, जमाखोरी और नियमों के उल्लंघन में शामिल किसी भी फर्म के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे भी प्रदेशभर में दवा कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर विशेष अभियान जारी रहेगा।


