पटना। नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए छात्र आंदोलन को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले दर्ज मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए सभी छात्र प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आंदोलन से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर, आपराधिक शिकायतें और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही यह आश्वासन दिया गया है कि आंदोलन में शामिल छात्रों के खिलाफ भविष्य में प्रत्यक्ष, परोक्ष या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यह फैसला छात्र संगठनों और सीजेपी की ओर से सरकार को दी गई चेतावनी और लगातार बढ़ते दबाव के बाद सामने आया है। छात्र संगठन लंबे समय से गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग कर रहे थे।
सरकार के इस निर्णय को छात्र आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। छात्र संगठनों ने इसे युवाओं की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया है। वहीं राजनीतिक हलकों में भी इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।


