– वेंटिलेटरों की स्थिति पर भी रिपोर्ट तलब
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में सरकारी चिकित्सा सुविधाओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने प्रदेश के सभी जिलों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तृत ब्योरा तलब करते हुए सरकारी अस्पतालों में स्थापित वेंटिलेटरों की वर्तमान स्थिति और उनकी कार्यक्षमता पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में कई कमियां पाईं। इस पर पीठ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि न्यायालय को सटीक और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। अधूरी या अस्पष्ट जानकारी से मामले के प्रभावी निस्तारण में बाधा उत्पन्न होती है।
हाईकोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी जिलों से अद्यतन जानकारी एकत्र कर विस्तृत रिपोर्ट के साथ अगली सुनवाई पर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत हों। अदालत ने विशेष रूप से यह स्पष्ट करने को कहा है कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटरों की संख्या, उनकी कार्यशील स्थिति तथा मरीजों के उपयोग में उनकी उपलब्धता क्या है।
पीठ ने संबंधित अधिकारियों को 6 अगस्त को न्यायालय में उपस्थित रहने का आदेश दिया है। साथ ही स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई पर मांगी गई सभी जानकारियां पूर्ण और तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत की जाएं।
मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को होगी, जिसमें राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट और चिकित्सा सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर न्यायालय आगे विचार करेगा।


