नई दिल्ली। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन शनिवार को भी जारी रहा। सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त होने के बाद भी संगठन अपनी प्रमुख मांगों पर अड़ा हुआ है। सरकार और छात्र संगठन के बीच शनिवार दोपहर तीसरे दौर की वार्ता होनी है। इसमें सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह, जबकि संगठन की ओर से सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल होंगे।
वार्ता से पहले जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त अवरोधक लगाकर उन्हें वेल्डिंग और लोहे की जंजीरों से मजबूत किया गया है। दंगा नियंत्रण वाहन, भारी पुलिस बल और विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के 18 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद रखा गया है, जबकि कुछ प्रमुख स्टेशनों पर केवल ट्रेन बदलने की सुविधा जारी है।
इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग दोहराई।
संगठन ने अपनी तीन प्रमुख मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, नीट प्रश्नपत्र लीक से प्रभावित 21 छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग रखी है। संगठन का कहना है कि यदि इन मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को देशभर में और तेज किया जाएगा।
उधर दिल्ली पुलिस ने आंदोलन के दौरान हुई हिंसा की जांच तेज कर दी है। पुलिस के अनुसार अब तक 15 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और चेहरे की पहचान प्रणाली के माध्यम से बड़ी संख्या में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान करने का दावा किया गया है। अब सभी की निगाहें सरकार और छात्र संगठन के बीच होने वाली तीसरे दौर की वार्ता पर टिकी हैं।


