हजारों छात्र और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज
विशेष संवाददाता, यूथ इंडिया
मुंबई। नीट प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर शुक्रवार को मुंबई में बड़ा प्रदर्शन हुआ। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की अगुवाई में बड़ी संख्या में छात्र और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान सरकार से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। रैली में युवाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग दोहराई।
इससे पहले भी मुंबई के विभिन्न हिस्सों में छात्र संगठनों और शिवसेना (उद्धव गुट) द्वारा लगातार प्रदर्शन किए गए हैं। पार्टी नेतृत्व ने परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और छात्रों की मांगों के समर्थन का ऐलान किया है।
उधर, केंद्र सरकार का कहना है कि उसने परीक्षा सुधारों की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार ने प्रश्नपत्र लीक रोकथाम के संशोधित विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें 10 वर्ष तक की सजा, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना तथा फास्ट ट्रैक न्यायालयों में सुनवाई जैसे प्रावधान शामिल हैं। साथ ही छात्र प्रतिनिधियों के साथ वार्ता में प्रभावित परिवारों को सहायता और आंदोलन में शामिल छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने जैसे मुद्दों पर भी सकारात्मक रुख अपनाया गया है।


