फर्रुखाबाद। शहर के प्रमुख और व्यस्ततम तिराहों में शामिल लाल गेट चौराहे पर नगर पालिका द्वारा शहर की सुंदरता बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया फव्वारा इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आ रहा है। कभी रंग-बिरंगी रोशनी और पानी की धाराओं के कारण लोगों के आकर्षण का केंद्र रहने वाला यह फव्वारा पिछले 15 से 20 दिनों से पूरी तरह बंद पड़ा है। पानी का प्रवाह रुक जाने से इसकी सुंदरता भी खत्म हो गई है और अब यह केवल एक शोपीस बनकर रह गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब यह फव्वारा चालू रहता था तो लाल गेट चौराहे की सुंदरता में चार चांद लग जाते थे। शाम के समय यहां से गुजरने वाले राहगीर कुछ पल रुककर इसकी खूबसूरती का आनंद लेते थे। बाहर से आने वाले लोग भी इसकी तस्वीरें खींचते थे, लेकिन अब फव्वारे के बंद होने से चौराहे की रौनक फीकी पड़ गई है।
लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा शहर के सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन उनके रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण फव्वारा बंद हुआ है तो उसे समय रहते ठीक कराया जाना चाहिए था। लंबे समय से बंद रहने के बावजूद संबंधित विभाग की ओर से इसे चालू कराने की दिशा में कोई ठोस प्रयास दिखाई नहीं दे रहा है।
व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि शहर की पहचान बनने वाले ऐसे सार्वजनिक सौंदर्यीकरण स्थलों का नियमित रखरखाव बेहद जरूरी है। यदि समय पर देखरेख न की जाए तो सरकारी धन से तैयार की गई परियोजनाएं धीरे-धीरे बदहाली का शिकार हो जाती हैं।
स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि लाल गेट स्थित फव्वारे की तकनीकी खराबी को तत्काल दूर कर इसे दोबारा चालू कराया जाए, ताकि शहर की सुंदरता और चौराहे की खोई हुई रौनक फिर से लौट सके। साथ ही भविष्य में ऐसे सौंदर्यीकरण कार्यों के नियमित रखरखाव की भी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
लाल गेट का आकर्षण बना फव्वारा हुआ बदहाल, 15–20 दिनों से बंद, राहगीरों को खल रही रौनक


