दोनों सदन ठप; सरकार बोली- चर्चा को तैयार, विपक्ष ने घेरा
हंगामे के कारण कार्रवाई दोपहर 2 बजे तक स्थगित
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक, जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बुधवार को संसद का मानसून सत्र भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने काले कपड़े पहनकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के शोर-शराबे के कारण दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और छात्राओं पर पुलिस ने बर्बरता की। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “बेटियों के कपड़े तक फाड़ दिए गए, आखिर पुलिस को यह अधिकार किसने दिया?” उन्होंने पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
लोकसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने सभी दलों से नियमों के तहत सदन चलाने और युवाओं के भविष्य पर सार्थक चर्चा करने की अपील की। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल सहित विपक्षी सांसद काले वस्त्र पहनकर संसद पहुंचे। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की कार्यप्रणाली, जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद के भीतर और बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
इस बीच कांग्रेस सांसदों ने राज्यसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव देकर छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं पर तत्काल चर्चा की मांग की। विपक्ष का कहना है कि लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा है और सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।
संसद के बाहर भी राजनीतिक हलचल तेज रही। विपक्षी दलों ने इसे “काला दिवस” बताते हुए लोकतंत्र और छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर सत्ता पक्ष का कहना है कि पेपर लीक मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो कर रहा है, कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।


