नवाबगंज, फर्रुखाबाद।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव जानकीपुर में मंगलवार को एक 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर जांच शुरू कर दी। मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। वहीं ससुराल पक्ष का कहना है कि विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।
जानकारी के अनुसार, थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव जानकीपुर निवासी यशवीर राजपूत पुत्र नन्हेलाल की शादी वर्ष 2018 में थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव चुरसाई निवासी अहवरन की पुत्री दुर्गा देवी (26) के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों के दो बच्चे हुए, जिनमें छह वर्षीय बेटी नित्या और छोटा बेटा अंश शामिल हैं। यशवीर दिल्ली में एक निजी कंपनी में नौकरी करता है और घर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दो दिन पहले ही घर आया था।
मृतका के भाई रक्षपाल ने बताया कि सोमवार शाम उसकी बहन दुर्गा से फोन पर बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान उसने रोते हुए बताया कि उसके साथ मारपीट की गई है। रक्षपाल के अनुसार मंगलवार सुबह करीब आठ बजे भी दुर्गा का दोबारा फोन आया, जिसमें उसने फिर अपने साथ मारपीट होने की बात कही। भाई का आरोप है कि बहन काफी परेशान लग रही थी और उसने अपनी जान को खतरा भी बताया था। इसके बाद सुबह करीब 11 बजे यशवीर का फोन आया, जिसमें उसने बताया कि दुर्गा की मौत हो गई है।
यह सूचना मिलते ही रक्षपाल अपने परिजनों के साथ गांव जानकीपुर पहुंचा। बहन की मौत की खबर से आक्रोशित परिजनों की ससुर नन्हेलाल से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को शांत कराया।

ससुराल पक्ष के अनुसार, घटना के समय घर के अधिकांश सदस्य अपने-अपने काम में व्यस्त थे। नन्हेलाल ने बताया कि जब वह घर की छत पर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दुर्गा का शव टिनशेड में दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका हुआ था। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया। ग्रामीणों की मदद से शव को नीचे उतारा गया और चारपाई पर लिटाया गया। इसके बाद गांव के एक चिकित्सक को बुलाया गया, जिसने महिला को मृत घोषित कर दिया।
वहीं मायके पक्ष का आरोप है कि घटना की सूचना पुलिस को दिए बिना ही शव को फंदे से नीचे उतार लिया गया, जिससे महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। इस पर ससुर नन्हेलाल का कहना है कि ग्राम प्रधान की मौजूदगी में शव नीचे उतारा गया था और उसके बाद ही पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलने पर हल्का प्रभारी जगराम सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर बाद थानाध्यक्ष राजीव कुमार भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों पक्षों से अलग-अलग बातचीत कर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने पूरे घटनास्थल का निरीक्षण कराया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घटनास्थल की बारीकी से जांच की और आवश्यक साक्ष्य एवं नमूने एकत्र किए।
इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस मृतका के मोबाइल फोन, परिजनों के बयान और अन्य परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
मृतका अपने पीछे छह वर्षीय बेटी नित्या और छोटे पुत्र अंश को छोड़ गई है। मां की मौत के बाद दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और लोग विभिन्न तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच कर रही है।


