लखनऊ
राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग के संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत जीएसटी चोरी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान दिल्ली से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्यापारिक माल ले जा रही नौ लग्जरी यात्री बसों को रोका गया। जांच में पाया गया कि बसों में बड़ी मात्रा में माल बिना ई-वे बिल और वैध दस्तावेजों के ले जाया जा रहा था।
संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बसों से करीब 300 बोरे व्यापारिक माल जब्त किए। अधिकारियों के अनुसार, माल की ढुलाई यात्री बसों की आड़ में की जा रही थी ताकि जांच से बचा जा सके और जीएसटी का भुगतान न करना पड़े। प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेजों में अनियमितताएं सामने आई हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
राज्य कर विभाग का कहना है कि इस तरह की अवैध ढुलाई से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान होता है। जब्त किए गए माल की कीमत और कर चोरी की वास्तविक राशि का आकलन किया जा रहा है। संबंधित व्यापारियों और परिवहन से जुड़े लोगों से पूछताछ भी की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कर चोरी रोकने के लिए ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत ऐसे संयुक्त अभियान आगे भी जारी रहेंगे। विभाग ने व्यापारियों से अपील की है कि वे माल परिवहन के दौरान ई-वे बिल और सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें, अन्यथा नियमों के अनुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


