लखनऊ। बहुचर्चित राम धन गबन मामले में न्यायालय की सख्त टिप्पणी के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है। अदालत के निर्देशों के बाद लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को एसआईटी से हटाने का निर्णय लिया गया है और अब नई एसआईटी का नेतृत्व एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी करेंगे।
मामला लंबे समय से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच की निष्पक्षता और गति को लेकर उठ रहे सवालों के बीच न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया, जिसके बाद सरकार को एसआईटी में बदलाव करना पड़ा। नई टीम अब पूरे मामले की जांच नए सिरे से करेगी और सभी साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करेगी।सरकार का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, विपक्ष इस बदलाव को सरकार की कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का परिणाम बता रहा है।अब सबकी निगाहें नई एसआईटी पर टिकी हैं कि वह इस चर्चित गबन प्रकरण में किन नए तथ्यों को सामने लाती है और जिम्मेदार लोगों तक जांच की कड़ी पहुंचा पाती है। अदालत की निगरानी में होने वाली इस जांच को पूरे प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण जांचों में से एक माना जा रहा है।


