– बोले सांसद रमेश अवस्थी भारतीय आम की पहचान को वैश्विक मंच तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य
– नेशनल मीडिया क्लब की ओर से किया गया लोगों का स्वागत
कानपुर। 19वें आम महोत्सव ने शहर को एक बार फिर आम की खुशबू और सांस्कृतिक विरासत से सराबोर कर दिया। महोत्सव में कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने प्रमुख भूमिका निभाते हुए आयोजन का नेतृत्व किया। उनके प्रयासों से आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता रंजीत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, उद्यान विशेषज्ञ, किसान और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय मीडिया क्लब के अध्यक्ष सचिन अवस्थी के संयोजन में आयोजित इस महोत्सव में सैकड़ों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों की आम की दुर्लभ एवं लोकप्रिय प्रजातियों की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। आगंतुकों ने आमों की गुणवत्ता, स्वाद और विविधता का अवलोकन किया तथा बागवानी से जुड़ी नई जानकारियां भी प्राप्त कीं।
सांसद रमेश अवस्थी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश केवल देश का ही नहीं, बल्कि दुनिया का भी प्रमुख आम उत्पादक प्रदेश है। उन्होंने कहा कि भारतीय आम की गुणवत्ता और विविधता को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए ऐसे आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने किसानों और बागवानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने, आम उत्पादन को बढ़ावा देने और विपणन के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि कानपुर जैसे औद्योगिक शहर में कृषि और बागवानी से जुड़े आयोजनों का होना ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देता है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव केवल फलों की प्रदर्शनी नहीं, बल्कि किसानों, उद्यान विशेषज्ञों, व्यापारियों और आम प्रेमियों को एक मंच पर लाने का प्रभावी प्रयास है।
मुख्य अतिथि अभिनेता रंजीत ने भी महोत्सव की प्रशंसा करते हुए उत्तर प्रदेश के आमों के स्वाद और गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय आम दुनिया भर में अपनी अलग पहचान रखता है और ऐसे आयोजन देश की सांस्कृतिक एवं कृषि विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट आम उत्पादकों एवं विशिष्ट अतिथियों का सम्मान भी किया गया। पूरे आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही और महोत्सव उत्साह, सांस्कृतिक गरिमा तथा कृषि परंपरा के उत्सव के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।


