नई दिल्ली। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलकोट क्षेत्र में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसा में छह नागरिकों की मौत होने की खबर है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, रावलकोट में प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की फायरिंग में कई लोग घायल भी हुए हैं। मृतकों में स्थानीय नागरिकों के शामिल होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। साथ ही इंटरनेट सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें सामने आई हैं, जिससे लोगों का बाहरी दुनिया से संपर्क प्रभावित हुआ है।
इस बीच, पीओके से जुड़े कुछ संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने मानवीय सहायता की मांग उठाई है। उनका कहना है कि क्षेत्र में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और आम नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है।
भारत ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके में नागरिकों के साथ हो रही घटनाएं वहां लंबे समय से जारी समस्याओं और कथित व्यवस्थित दमन को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि वहां के लोगों के अधिकारों और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं।
रावलकोट की घटना के बाद पीओके की स्थिति एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गई है। घटनाक्रम पर क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर नजर रखी जा रही है।


