अयोध्या/बाराबंकी/मथुरा: राम मंदिर दानपात्र से धन चोरी के मामले को लेकर अयोध्या में सियासी घमासान अब पोस्टर वॉर तक पहुंच गया है। विपक्ष के आरोपों के बाद अब पक्ष की ओर से समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को निशाना बनाते हुए यूपी के अलग-अलग तीन जिलों मथुरा, अयोध्या और बाराबंकी में कई जगह विवादित होर्डिंग लगे देखे गए, जिसमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) की फोटो लगी है।
मथुरा में कई जगह विवादित पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव का फोटो लगाकर लिखा गया है कि मुलायम सरकार की असलियत। दिल में बाबर, मुंह में राम। अयोध्या में हनुमानगढ़ी पर कराई नमाज, सपाइयों को तब न आई लाज। पोस्टर लगने के बाद प्रशासन ने आनन फानन में धर्म पथ सहित शहर के कई प्रमुख मार्गों से अधिकांश बैनर और पोस्टर हटवा दिए हैं। कई स्थानों पर पोस्टर आधे फटे और अधूरे दिखाई दिए, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासन ने उन्हें हटाने की कार्रवाई की है। सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति लगाए गए पोस्टर और बैनरों को अयोध्या पुलिस ने हटवाया है।
रामनगरी अयोध्या में भी पोस्टर युद्ध देखने को मिला, यहां सपा प्रमुख के बयानों को निशाना बनाते हुए मुख्य मार्गों पर पोस्टर लगाए गए थे। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई। कई जगहों पर पोस्टरों को ढक दिया गया है, जिससे वे आधे-अधूरे नजर आ रहे हैं। वहीं बाराबंकी शहर के पल्हरी चौराहे पर भी ठीक मथुरा की तर्ज पर सपा मुखिया अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ाए जाने के दावे को लेकर सपा और कांग्रेस पर निशाना साधा गया है।
गौरतलब है कि राम मंदिर दानपात्र से धन चोरी का मामला सामने आने के बाद से राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज है। विपक्ष सरकार और मंदिर प्रबंधन पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्तापक्ष विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अवसरवाद बता रहा है। अब इस मुद्दे पर पोस्टर वॉर शुरू होने से अयोध्या का सियासी माहौल और गर्म हो गया है। फिलहाल, प्रशासन की कार्रवाई के बाद अधिकांश पोस्टर हटा दिए गए हैं, लेकिन राम मंदिर दानपात्र चोरी का मामला राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है।


