– किसान एक हेक्टेयर से पंद्रह हेक्टेयर क्षेत्रफल में करें रोपाई
गुरसहायगंज, कन्नौज। किसान अच्छी आय अर्जित करने के लिए धान की अच्छी किस्म की नर्सरी लगा कर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। बताया कि एक हेक्टेयर नर्सरी से पंद्रह हेक्टेयर क्षेत्रफल की रोपाई की जा सकती है।
कृषि विज्ञान केन्द्र अनौगी के वैज्ञानिक डॉ. अरविन्द कुमार ने बताया कि समय से नर्सरी में बीज डालें। एक हेक्टेयर नर्सरी में सौ किग्रा नत्रजन व पचास किग्रा फास्फोरस प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। ट्राइकोडर्मा का एक छिड़काव नर्सरी लगने के दस दिन के अन्दर कर देना चाहिये। बुवाई के दस-चौदह दिन बाद एक सुरक्षात्मक छिड़काव रोगों व कीटों के बचाओ के लिए करें। जबकि खैरा रोग के लिए एक छिड़काव पांच किग्रा जिंक सल्फेट को बीस किग्रा. यूरिया व 2.5 किग्रा बुझे हुए चूने के साथ एक हजार लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टर की दर से पहला छिड़काव बुवाई के दस दिन बाद व दूसरा बीस दिन करना चाहिए। वही सफेदा रोग के नियंत्रण हेतु चार किग्रा. फेरस सल्फेट को बीस किग्रा यूरिया के घोल के साथ छिड़काव करना चाहिए। झोंका रोग की रोकथाम के लिए पांचसौ ग्राम कार्बेन्डाजिम पचास प्रतिशत डब्लूपी का प्रति हे. छिड़काव करें। भूरे धब्बे के रोग से बचने के लिए दो किलोग्राम मैंकोजेब पचहत्तर प्रतिशत डब्ल्यू.पी. का प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। नर्सरी में लगने वाले कीटों से बचाव के लिए 1.25 लीटर क्लोरोपाइरीफास बीस ई.सी. प्रति हेक्टेयर का छिड़काव करें। नर्सरी में पानी का तापक्रम बढ़ने पर उसे निकाल कर पुनः पानी भर देना चाहिए। इस तरह से नर्सरी तैयार करने से किसान अच्छी पैदावार पाकर अधिक मुनाफा कमा सकता है।
धान की उत्तम पैदावार के लिए नर्सरी का अच्छा होना जरूरी-डॉ. अरविंद


