– पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
लखनऊ। पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और हरित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से प्राथमिक विद्यालय अलीनगर खुर्द, सरोजनीनगर में रविवार को वृहद वृक्षारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों, ग्रामवासियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए फलदार एवं छायादार वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही सभी से अपील की गई कि वे प्रत्येक पौधे को अपने किसी प्रियजन के नाम से अपनाकर उसकी नियमित सिंचाई, खाद और देखभाल की जिम्मेदारी निभाएं, ताकि पौधे भविष्य में विशाल वृक्ष बन सकें।
इस अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रतिनिधि एवं पूर्व ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख मोहनलालगंज विनोद वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जनभागीदारी का आंदोलन है। प्रत्येक नागरिक यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सकता है।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा गठित युवा समाजसेवी टीम के सदस्य गुलशन कुमार, शिक्षामित्र सतीश कुमार, सरिता देवी, अनेक अभिभावकों, ग्रामवासियों तथा मगरा मिशन के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाया।
विद्यालय की शिक्षिका रीना त्रिपाठी ने प्रतिभागियों को मुख्य रूप से फलदार पौधों का वितरण करते हुए कहा कि वर्तमान समय में स्थानीय और जंगली प्रजातियों के फलदार वृक्षों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। इसका सीधा असर गौरैया, तोता सहित अनेक पक्षियों के भोजन और प्राकृतिक आवास पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि फलदार वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए लगाए गए प्रत्येक पौधे की नियमित देखभाल करना हम सभी का दायित्व है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनकी सुरक्षा और संरक्षण करने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और समृद्ध पर्यावरण उपलब्ध कराने का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी भी स्थानीय स्तर पर तय की गई, ताकि यह अभियान केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर स्थायी पर्यावरण संरक्षण का माध्यम बन सके।


