अमृतपुर फर्रुखाबाद
थाना राजेपुर के चर्चित सर्राफा लूटकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज किया है। जिला मजिस्ट्रेट से गैंग चार्ट को मंजूरी मिलने के बाद शुक्रवार को राजेपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध करने वाले गिरोहों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
राजेपुर थाना प्रभारी नागेंद्र सिंह द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार गिरोह का सरगना सुमित यादव निवासी ग्राम प्रहलादपुर, थाना जैथरा (जनपद एटा) है। गिरोह में शिवम यादव, गोविंद उर्फ विकास यादव, आलोक कुमार तथा अनूप यादव भी शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि यह गिरोह अवैध हथियारों के बल पर लूट जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करता था और क्षेत्र में भय का माहौल बनाने का प्रयास करता था।
1 फरवरी 2025 को हुई थी सनसनीखेज लूट
पुलिस के अनुसार 1 फरवरी 2025 को राजेपुर-राठौरी स्थित तिवारी मार्केट से सर्राफा व्यापारी के मुनीम रामअवतार और लकी खान दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। तभी बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट डिजायर कार में सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाश करीब 1.70 लाख रुपये की नकदी, लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। विरोध करने पर बदमाशों ने मुनीम रामअवतार को तमंचे से गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने विवेचना के दौरान सभी आरोपियों को अलग-अलग समय पर गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से लूटी गई नकदी, आभूषण, अवैध तमंचे, कारतूस तथा वारदात में प्रयुक्त अन्य सामान भी बरामद किया गया। मामले में पुलिस पहले ही न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर चुकी है।
अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास का परीक्षण कर गैंग चार्ट तैयार किया गया, जिसे जिला मजिस्ट्रेट से स्वीकृति मिलने के बाद पांचों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।


