लखनऊ: गाजियाबाद के इंदिरापुरम में बारिश के दौरान ट्रांसफार्मर में उतरे करंट की चपेट में आने से एक सुरक्षा गार्ड की दर्दनाक मौत और नोएडा के सेक्टर-58 में खुले नाले के पास करंट लगने से एक युवा इंजीनियर की जान जाने की घटना ने मानसून के दौरान विद्युत सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन लगातार हो रहे हादसों के बीच सुएज इंडिया ने अपने सीवर सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।
सुएज इंडिया के परियोजना निदेशक राजेश मठपाल ने सीवर सफाई कार्य में लगे सभी कर्मचारियों, सुपरवाइजरों एवं जोनल इंचार्जों से अपील की है कि मानसून के दौरान किसी भी स्थिति में सुरक्षा मानकों से समझौता न करें। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में पानी और बिजली का संपर्क जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए प्रत्येक कर्मचारी निर्धारित सुरक्षा मानकों (SOP) का पूरी तरह पालन करते हुए ही कार्य करे।
उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि बिजली के ट्रांसफार्मरों के निकट स्थित सीवर मैनहोल तथा 11 केवी एवं 33 केवी की हाई वोल्टेज बिजली लाइन जो सीवर मैनहोल से होकर गुजर रही है| ऐसे मैनहोल की सफाई के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। ऐसे स्थानों पर कार्य शुरू करने से पहले सुरक्षा आकलन किया जाए और सभी आवश्यक सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाए।
उन्होने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर विद्युत जोखिम, करंट आने की आशंका, क्षतिग्रस्त केबल या कोई अन्य खतरा दिखाई देता है तो कर्मचारी स्वयं जोखिम उठाकर सफाई कार्य न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल अपने सुपरवाइजर, जोनल इंचार्ज अथवा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करें और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद ही कार्य प्रारंभ करें।
उन्होंने सभी सुपरवाइजरों और जोनल इंचार्जों को निर्देशित किया कि वे मानसून के दौरान नियमित सुरक्षा ब्रीफिंग आयोजित करें तथा यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक कर्मचारी पीपीई (PPE), गैस डिटेक्टर, सेफ्टी हार्नेस, हेलमेट, रबर ग्लव्स, गमबूट सहित सभी सुरक्षा उपकरणों का उपयोग कर रहा है।
परियोजना निदेशक ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सुएज की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कोई भी सफाई कार्य कर्मचारियों के जीवन से अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो सकता। सुरक्षित कर्मचारी ही सुरक्षित और स्वच्छ शहर का निर्माण कर सकते हैं।


