फर्रुखाबाद। अंजुमन-ए-वफ़ा की जानिब से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी इमाम-ए-चहारुम हज़रत इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ.स.) की याद में घेर शामू ख़ाँ से असगर रोड तक ताबूत एवं अलम का कैंडल जुलूस अकीदत, एहतराम और धार्मिक श्रद्धा के साथ निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मोमिनीन के साथ-साथ ख़वातीन और नौजवानों ने भी उत्साहपूर्वक शिरकत कर इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ.स.) की शिक्षाओं को याद किया।
जुलूस के दौरान पूरे मार्ग पर ग़म और अकीदत का माहौल दिखाई दिया। अकीदतमंद हाथों में मोमबत्तियां लेकर इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ.स.) की याद में चल रहे थे। जगह-जगह लोगों ने जुलूस का स्वागत किया तथा शांति, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर आयोजित मजलिस को संबोधित करते हुए सुनहरी मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना मोहम्मद अब्बास साहब ने कहा कि कर्बला की त्रासदी के बाद इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ.स.) ने अपने धैर्य, सब्र और प्रभावशाली ख़ुत्बों के माध्यम से यज़ीद के अत्याचार और उसके झूठे प्रचार का पर्दाफाश किया। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में हुसैनियत का परचम बुलंद है, जबकि यज़ीद का नाम अत्याचार और ज़ुल्म की पहचान बनकर रह गया है।
मौलाना ने कहा कि इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ.स.) ने कठिन परिस्थितियों में भी सत्य, न्याय और इंसानियत का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचाया। उनका जीवन सब्र, इबादत, त्याग और मानवता की सेवा का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जब भी हुसैनियत का कोई सच्चा नुमाइंदा मैदान में उतरता है तो एक नया इंक़िलाब जन्म लेता है और दुनिया को इंसाफ़ व इंसानियत की राह दिखाता है।
कार्यक्रम में मौलाना फरहत अली ज़ैदी, ऑल इंडिया शिया मुस्लिम महासभा के जिलाध्यक्ष सैय्यद अम्मार अली ज़ैदी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष आफ़ताब हुसैन, पूर्व नगर अध्यक्ष नफ़ीस हुसैन, सुनहरी मस्जिद के सदर मुन्नवर हुसैन, हुसैनी टाइगर के जिलाध्यक्ष मुन्तज़िर हुसैन ज़ैदी, मसर्रत अली ज़ैदी, रहबर आब्दी, अली यावर ज़ैदी, जावेद हुसैन, इंतज़ार हुसैन, मोहसिन काज़मी, मुदस्सर काज़मी, हुसैन अली ज़ैदी, अली मोहम्मद, शोएब ज़ैदी, सैफ़ हुसैन सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अकीदतमंद मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन, भाईचारे, तरक्की और इंसानियत की सलामती के लिए विशेष दुआ की गई। आयोजकों ने सभी अकीदतमंदों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इमाम ज़ैनुल आबेदीन (अ.स.) का जीवन पूरी मानवता के लिए सब्र, इबादत और सच्चाई की राह पर चलने की प्रेरणा देता है।
अंजुमन-ए-वफ़ा की ओर से निकला इमाम ज़ैनुल आबेदीन का स्मृति जुलूस


