बलिया: उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद (Sanjay Nishad) को गुरुवार को बलिया (Ballia) दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। पीडब्ल्यूडी डाक बंगले के बाहर प्रदर्शनकारियों ने “संजय निषाद वापस जाओ” और “माफी मांगो” के नारे लगाए। विरोध करीब सात महीने पहले मंत्री द्वारा बलिया के लोगों को कथित रूप से “अंग्रेजों का दलाल” कहे जाने वाली टिप्पणी को लेकर किया गया।
मंत्री निषाद पार्टी के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में भाग लेने के लिए बलिया पहुंचे थे। उनके डाक बंगले पहुंचते ही कांग्रेस कार्यकर्ता और छात्र नेता बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए और करीब एक घंटे तक जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक मंत्री अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगेंगे, उनका विरोध जारी रहेगा।
सूचना मिलते ही एएसपी उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल, सिटी मजिस्ट्रेट आशाराम वर्मा और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे मंत्री से मिलने और माफी की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कांग्रेस नेता सागर सिंह राहुल, जैनेंद्र पांडेय, अभिजीत तिवारी ‘सत्यम’, रूपेश चौबे सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। इसके बाद माहौल शांत हुआ और मंत्री संजय निषाद अपने निर्धारित कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।
विरोध प्रदर्शन को लेकर मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने कहा कि जिस समय बाहर विरोध हो रहा था, उस समय मैं अंदर कमरे में बैठा हुआ था। कुछ लोगों की रोजी-रोटी चलनी चाहिए। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि जब उनकी सरकार थी तो उन्होंने बलिया को लुटा दिया। मैं बलिया आया हूं, आगे भी बलिया आऊंगा। बलिया किसी के पिताजी की जमीन नहीं है।


