लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत राज्य वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष दानिश अंसारी ने मध्य प्रदेश में लागू किए गए नए वक्फ बोर्ड मॉडल का समर्थन करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
दानिश अंसारी ने कहा कि वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन का उद्देश्य इसकी कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना होना चाहिए। उनका कहना है कि यदि मध्य प्रदेश का मॉडल बेहतर प्रशासन, पारदर्शिता और वक्फ संपत्तियों के कुशल प्रबंधन में सफल साबित हो रहा है, तो उत्तर प्रदेश में भी ऐसे मॉडल को अपनाने पर विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां समाज की अमानत हैं और उनका उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण तथा जरूरतमंद लोगों के हित में होना चाहिए। इसके लिए बोर्ड की कार्यप्रणाली को आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना आवश्यक है।
गौरतलब है कि वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 लागू होने के बाद विभिन्न राज्यों में वक्फ बोर्डों के पुनर्गठन और नई व्यवस्थाओं को लेकर मंथन जारी है। उत्तर प्रदेश में भी नए बोर्ड के गठन और उसकी संरचना को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
हालांकि, राज्य सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश मॉडल लागू किए जाने संबंधी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में दानिश अंसारी का बयान फिलहाल एक राजनीतिक सुझाव के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में सरकार के निर्णय के बाद ही प्रदेश में वक्फ बोर्ड के नए स्वरूप को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।


