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Wednesday, July 8, 2026

दिल्ली-एनसीआर में ईडी की बड़ी कार्रवाई: 5 ठिकानों पर छापेमारी, रियल एस्टेट कंपनियों के वित्तीय लेन-देन की गहन जांच

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नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े मामले में बुधवार को दिल्ली-एनसीआर के पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई रियल एस्टेट क्षेत्र की चर्चित कंपनी सीएचडी डेवलपर्स लिमिटेड से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में की गई। जांच के दायरे में निनक्स और मंजू जे होम्स सहित अन्य संबंधित कंपनियां और उनसे जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं।

सूत्रों के अनुसार, ईडी की यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की जा रही है, जिनमें आरोप लगाया गया है कि फ्लैट खरीदारों और बैंकों से प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित परियोजनाओं के निर्माण में करने के बजाय अन्य उद्देश्यों में किया गया। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि होम लोन और निवेश के माध्यम से प्राप्त रकम का कथित रूप से दुरुपयोग कर धन का स्थानांतरण तो नहीं किया गया।

बताया जा रहा है कि इन परियोजनाओं में निवेश करने वाले बड़ी संख्या में खरीदार वर्षों से अपने फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं। समय पर परियोजनाएं पूरी न होने के कारण अनेक परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। कई खरीदार एक ओर बैंक की ईएमआई का भुगतान करते रहे, वहीं दूसरी ओर उन्हें किराए के मकानों में रहने के लिए भी मजबूर होना पड़ा।

ईडी की टीम छापेमारी के दौरान बैंक खातों, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरणों और इलेक्ट्रॉनिक डेटा की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अनियमितताओं के माध्यम से अर्जित धन को विभिन्न कंपनियों या व्यक्तियों के माध्यम से इधर-उधर तो नहीं किया गया।

जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि प्रारंभिक जांच में मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो मामले में आगे और भी बड़ी कार्रवाई की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, संपत्तियों की कुर्की तथा अन्य कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।

रियल एस्टेट क्षेत्र में लंबे समय से लंबित परियोजनाओं और घर खरीदारों की शिकायतों को देखते हुए ईडी की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल छापेमारी जारी है और जब्त दस्तावेजों व डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।

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