लखनऊ/झांसी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक दीप नारायण यादव और उनके करीबियों के ठिकानों पर बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीमों ने झांसी और लखनऊ में एक साथ पांच स्थानों पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की।
लखनऊ में ईडी की टीम ने आशियाना स्थित सनराइज अपार्टमेंट तथा रेवती टावर के फ्लैट नंबर 508 पर छापेमारी की। अधिकारियों ने कई घंटों तक दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े अभिलेखों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए और बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।
सूत्रों के अनुसार, दीप नारायण यादव के खिलाफ पहले से आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज है। इसी मामले में हुई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। एजेंसी अब कथित रूप से अर्जित संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाल रही है।
बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक के खिलाफ विभिन्न मामलों में 60 से अधिक एफआईआर दर्ज हैं। इन्हीं मामलों और आय से अधिक संपत्ति की जांच के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई शुरू की है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित अवैध आय को किन-किन माध्यमों से संपत्तियों में निवेश किया गया और क्या उसमें मनी लॉन्ड्रिंग के तत्व मौजूद हैं।
ईडी की टीम छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डेटा का विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, संपत्तियों की कुर्की और अन्य कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल ईडी की कार्रवाई जारी है। एजेंसी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।


