रक्षा-व्यापार समेत कई अहम समझौतों पर लगी मुहर
जकार्ता/नई दिल्ली। भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंटांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ (Bintang Adipurna) से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने आधिकारिक समारोह में प्रदान किया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग सहित कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध हजारों वर्षों की साझा सांस्कृतिक विरासत, विश्वास और मित्रता पर आधारित हैं। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो, इंडोनेशिया सरकार और वहां की जनता का आत्मीय स्वागत एवं सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने आर्थिक साझेदारी को नई गति देने, आपसी व्यापार बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहन देने और समुद्री सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई है। आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, रक्षा क्षेत्र में साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी दोनों नेताओं के बीच व्यापक चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने बताया कि उन्हें राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ योग्याकार्ता स्थित विश्व प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण एवं विकास परियोजना की शुरुआत करने का भी सौभाग्य मिलेगा। करीब एक हजार वर्ष पुराना यह मंदिर भारत और इंडोनेशिया की साझा सांस्कृतिक विरासत तथा ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी मिलकर कार्य करेंगे।
‘बिंटांग आदिपूर्णा’ इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो उन विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया की एकता, समृद्धि, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक संबंधों को मजबूत करने में असाधारण योगदान दिया हो। प्रधानमंत्री मोदी को यह सम्मान मिलना भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, मजबूत कूटनीतिक नेतृत्व और भारत-इंडोनेशिया के गहरे होते रणनीतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।


