एसडीएम की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में शिकायत लेकर पहुंचे लोगों ने जताई नाराजगी, बोले— समस्याएं सुनने के बजाय मोबाइल में व्यस्त रहे अधिकारी; एसपी से कार्रवाई की मांग
अमृतपुर, फर्रुखाबाद।
शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाला सम्पूर्ण समाधान दिवस शनिवार को अमृतपुर तहसील में चर्चा का विषय बन गया। उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, लेकिन कार्यक्रम के दौरान अमृतपुर थाने में तैनात दरोगा खूबेलाल कथित रूप से मोबाइल फोन में व्यस्त दिखाई दिए, जिससे कई फरियादियों ने नाराजगी जताई।समाधान दिवस में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। लोगों को उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाएगा और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। लेकिन कार्यक्रम में मौजूद कई फरियादियों का आरोप है कि शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान देने के बजाय संबंधित दरोगा लंबे समय तक मोबाइल का उपयोग करते रहे।फरियादियों का कहना है कि समाधान दिवस का उद्देश्य आम जनता को एक ही स्थान पर त्वरित न्याय और प्रशासनिक राहत उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि शिकायतें सुनने पहुंचे अधिकारी ही मोबाइल में व्यस्त दिखाई दें, तो इससे शासन की इस महत्वपूर्ण व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच इस व्यवहार को लेकर काफी चर्चा रही। कई फरियादियों ने कहा कि अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के बजाय यदि अन्य कार्यों में व्यस्त रहेंगे तो समाधान दिवस की सार्थकता प्रभावित होगी।मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इस पूरे मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की। उनका कहना है कि यदि अधिकारी जनता के प्रति जवाबदेह रहेंगे तभी शासन की मंशा के अनुरूप समाधान दिवस सफल हो सकेगा।हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित दरोगा मोबाइल का उपयोग किसी सरकारी कार्य के लिए कर रहे थे या निजी कारणों से। इस संबंध में उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।


