फर्रुखाबाद। शहर के भीतर स्थित रेलवे समपार (फाटक) इन दिनों आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बने हुए हैं। ट्रेनों के लगातार आवागमन के चलते दिन में कई बार रेलवे फाटक बंद किए जाते हैं, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। जाम की स्थिति में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है।
रेलवे फाटक बंद होते ही दोपहिया, चारपहिया, ई-रिक्शा, स्कूल वाहन और भारी वाहन सड़क पर रुक जाते हैं। कुछ ही मिनटों में वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है और फाटक खुलने के बाद भी जाम सामान्य होने में काफी समय लग जाता है। इसका सबसे अधिक असर कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, विद्यार्थियों, मरीजों और व्यापारियों पर पड़ता है।
शहर के किराए का बाग, देवरामपुर, श्याम नगर तथा फतेहगढ़ रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मार्गों पर स्थित रेलवे समपारों पर यह समस्या रोजाना देखने को मिलती है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई बार एक फाटक खुलने के बाद आगे दूसरे फाटक के बंद होने से वाहन चालकों को बार-बार रुकना पड़ता है, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार लगने वाले जाम के कारण ईंधन की भी खपत बढ़ती है और समय की बर्बादी अलग होती है। गर्मी के मौसम में फाटक पर लंबे समय तक खड़े रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे गंभीर स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
शहरवासियों का मानना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान केवल रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) या अंडरपास का निर्माण है। इससे रेलवे फाटकों पर निर्भरता कम होगी और यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सकेगा। साथ ही प्रमुख चौराहों और रेलवे फाटकों पर यातायात पुलिस की प्रभावी व्यवस्था तथा ट्रैफिक प्रबंधन को और मजबूत करने की भी आवश्यकता है।
नगरवासियों ने रेलवे और प्रशासन से मांग की है कि बढ़ते यातायात को देखते हुए शहर के प्रमुख रेलवे समपारों पर स्थायी समाधान की दिशा में शीघ्र कदम उठाए जाएं। यदि समय रहते आवश्यक व्यवस्था नहीं की गई, तो आने वाले समय में बढ़ते वाहनों के कारण जाम की समस्या और अधिक गंभीर हो सकती है।


