फर्रुखाबाद। सपनों को हकीकत में बदलने की चाह कई बार लोगों से ऐसे फैसले करा देती है, जिनके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। ऐसा ही एक मामला जनपद के नवाबगंज कस्बे से सामने आया, जहां हाईस्कूल के तीन छात्र क्रिकेटर बनने का सपना लेकर बिना किसी को बताए घर से निकल पड़े। अचानक उनके लापता होने से परिजनों में हड़कंप मच गया और पुलिस भी उनकी तलाश में जुट गई। हालांकि कई दिनों की चिंता के बाद तीनों छात्र सकुशल घर लौट आए, जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार वीआरएम इंटर कॉलेज में अध्ययनरत तीन मित्र—सत्यम शाक्य, अहम और आयुष—कोचिंग जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने नवाबगंज थाने पहुंचकर गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस ने छात्रों की तलाश शुरू कर दी और उनके संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान सामने आया कि तीनों छात्रों का सपना एक सफल क्रिकेटर बनने का था। इसी जुनून में उन्होंने शमसाबाद रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ी और पहले मथुरा, फिर दिल्ली होते हुए मुंबई पहुंच गए। बताया जा रहा है कि तीनों अपने साथ लगभग आठ-आठ हजार रुपये लेकर निकले थे, जिनसे उन्होंने जनरल श्रेणी का टिकट लेकर यात्रा पूरी की।
मुंबई पहुंचने के बाद तीनों सीधे देश के प्रसिद्ध वानखेड़े स्टेडियम पहुंचे, जहां वे क्रिकेट ट्रायल में शामिल होना चाहते थे। लेकिन स्टेडियम में प्रवेश के दौरान पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेज मांगे गए। आधार कार्ड उपलब्ध न होने के कारण उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं मिल सकी। सपना अधूरा रह जाने पर तीनों छात्रों ने वापस लौटने का फैसला किया और दिल्ली के रास्ते शनिवार सुबह नवाबगंज पहुंच गए।
घर लौटने की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तीनों छात्रों से पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने पूरी घटना बताई, जिसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर पुलिस ने उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
क्रिकेटर बनने का जुनून: तीन स्कूली छात्र घर से निकले, मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम तक पहुँचे, सुरक्षित लौटने पर परिजनों ने ली राहत की सांस


