– 16 लाख अभ्यर्थियों की किस्मत दांव पर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2026 का आज अंतिम चरण आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए 955 परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। करीब 16 लाख अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, जो प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है।
परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए शासन और शिक्षा विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक सत्यापन और पहचान पत्र की जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। केंद्रों के बाहर पुलिस बल और मजिस्ट्रेट भी तैनात हैं, जबकि संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
परीक्षा के मद्देनज़र अभ्यर्थियों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं पर पूरी तरह रोक रही। परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की भीड़ भी दिखाई दी।
राज्य सरकार का कहना है कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए कंट्रोल रूम से सभी केंद्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और उड़नदस्ते भी सक्रिय हैं। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी टीईटी उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थी प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए पात्र होंगे। परीक्षा संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, उत्तर कुंजी जारी करने, आपत्तियां आमंत्रित करने और अंतिम परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी। लाखों अभ्यर्थियों की निगाहें अब परीक्षा समाप्त होने के बाद आने वाली उत्तर कुंजी और परिणाम पर टिकी हैं।


