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Friday, July 3, 2026

एटा बस हादसे में नवाबगंज के चार युवाओं की मौत, गांवों में पसरा मातम; किसी का छूटा परिवार तो किसी का अधूरा रह गया सपना

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नवाबगंज। एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र के कीलरमऊ गांव के पास गुरुवार रात हुए दर्दनाक रोडवेज बस हादसे ने फर्रुखाबाद के नवाबगंज ब्लॉक के चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। दिल्ली जा रही रोडवेज बस के खराब होने के बाद बस से उतरकर पीछे खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कैंटर ने कुचल दिया। इस भीषण हादसे में नवाबगंज क्षेत्र के चार युवकों की मौत हो गई। हादसे की सूचना शुक्रवार सुबह जैसे ही उनके गांवों में पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजन बदहवास होकर एटा के लिए रवाना हो गए। बाद में दो शव गांव पहुंचने पर परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।
नामकरण समारोह में आया था, शाम को दिल्ली के लिए निकला और हादसे का शिकार हो गया सुखराम
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव नौगांव बबूरी निवासी 30 वर्षीय सुखराम पुत्र राजपाल भी हादसे में जान गंवाने वालों में शामिल हैं। सुखराम दिल्ली में पिछले सात वर्षों से सब्जी बेचने का काम करता था। वह चार-पांच दिन पहले अपने बड़े भाई जयचंद्र के बेटे के नामकरण संस्कार में शामिल होने गांव आया था। गुरुवार शाम परिवार से मिलकर दिल्ली के लिए रवाना हुआ था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने उसकी जिंदगी छीन ली। परिवार में भाइयों शेर सिंह, लल्ला, जयचंद्र और पंचम सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।
फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा देने जा रहा था आशीष, रास्ते में थम गई जिंदगी
गांव बिरसिंहपुर निवासी 22 वर्षीय आशीष सक्सेना पुत्र सुरेश चंद्र सक्सेना नोएडा में आयोजित फॉरेस्ट गार्ड की परीक्षा देने जा रहा था। वह रोडवेज बस से सफर कर रहा था। रात में बस खराब होने पर वह भी अन्य यात्रियों के साथ नीचे उतरकर बस के पीछे खड़ा हो गया। तभी पीछे से आए तेज रफ्तार कैंटर ने सभी को टक्कर मार दी, जिससे आशीष की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान उसके आधार कार्ड और एडमिट कार्ड से हुई। इसके बाद पुलिस ने नवाबगंज थाना पुलिस के माध्यम से परिजनों को सूचना दी। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे सूचना मिलने पर परिजन एटा के लिए रवाना हो गए। आशीष के परिवार में पिता सुरेश चंद्र, माता रामवती, बड़े भाई अनुज सक्सेना तथा तीन विवाहित बहनें हैं। बेटे की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
पत्नी और बच्चों के साथ लौट रहा था राजेश, परिवार के सामने ही चली गई जान
गांव दौलतपुर निवासी 38 वर्षीय राजेश कश्यप दिल्ली के गोविंद नगर में सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह तीन दिन पहले गांव आए थे और गुरुवार शाम पत्नी पूनम, पुत्र हर्ष, पुत्री प्रज्ञा तथा भाई अवधेश के साथ दिल्ली लौट रहे थे।
राजेश के भाई अवधेश ने बताया कि कीलरमऊ के पास रोडवेज बस खराब हो गई थी। गर्मी के कारण कई यात्री बस से उतरकर पीछे खड़े थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कैंटर ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनमें राजेश भी शामिल थे।
राजेश की मौत की खबर मिलते ही पत्नी पूनम और मां रामबेटी बेसुध हो गईं। गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
दिल्ली में नौकरी करता था शैलेश, मां-बाप पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में नवाबगंज क्षेत्र के गांव उम्मरपुर निवासी 35 वर्षीय शैलेश की भी मौत हो गई। वह दिल्ली की एक फैक्ट्री में नौकरी करते थे और तीन दिन पहले ही गांव आए थे। गुरुवार शाम वह भी उसी रोडवेज बस से दिल्ली लौट रहे थे। बस खराब होने पर वह भी नीचे उतरकर पीछे खड़े थे, तभी कैंटर की टक्कर का शिकार हो गए।
शैलेश पिछले करीब दस वर्षों से दिल्ली में नौकरी कर रहे थे। उनकी पत्नी चांदनी चार वर्षीय पुत्री परी के साथ दिल्ली में रहती हैं। शैलेश अपने भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। बेटे की मौत की खबर सुनकर पिता जोगराज और मां कमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
चार गांवों में पसरा सन्नाटा
एक ही हादसे में नवाबगंज क्षेत्र के नौगांव बबूरी, बिरसिंहपुर, दौलतपुर और उम्मरपुर गांव के चार युवकों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। हर गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि रोजी-रोटी और भविष्य की तलाश में निकले इन युवाओं की जिंदगी आखिर इस दर्दनाक हादसे में क्यों खत्म हो गई।

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