मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में किया आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ, स्टॉल्स का अवलोकन किया और आम की 800 प्रजातियों के बारे में जानकारी ली
आम की फसल से काफी मुनाफा कमा रहे किसान, देश में 26 फीसदी आम का उत्पादन करता है उत्तर प्रदेशः सीएम
सीएम ने की काकोरी ब्रांड की चर्चा, कहा- इसमें देश के प्रति समर्पण का भाव और किसानों की मेहनत की मिठास
उद्यान विभाग को आम की अधिक से अधिक किस्मों को जीआई टैग दिलाने के लिए आवेदन करने का निर्देश
लखनऊ, 3 जुलाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने स्टॉल्स का अवलोकन कर आम की 800 से अधिक प्रजातियों के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी तैयारी इस तरह होनी चाहिए कि यूपी के किसानों का आम गुणवत्ता, विश्वास व वैश्विक मानकों पर खरा उतर सके। हमारा लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित न रहे, बल्कि ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग के साथ ही प्रोडक्ट की ट्रेसेबिलिटी व ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन पर भी ध्यान देना होगा। तभी यह एक्सपोर्ट के लिए स्वीकार्य होगा। एक बाग आय के कई मॉडल के रूप में फल उत्पादन, प्रोसेसिंग, टूरिज्म, ऑर्गेनिक उत्पाद, मधुमक्खी पालन, खाद्य उद्योग और एक्सपोर्ट के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने का माध्यम बन सकता है।
माटी की खुशबू व मिठास से आकर्षित कर रहा आम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार के स्तर पर प्लेटफॉर्म मिलता है, शोकेसिंग का अवसर प्राप्त होता है तो यूपी के आम की प्रजातियों का पता चलता है। यहां प्रदेश व देश के अलग-अलग राज्यों से आम की 800 वैरायटी प्रदर्शित हो रही हैं। वाराणसी-गोरखपुर का लंगड़ा, गोरखपुर का गौरजीत, बस्ती का आम्रपाली, मलिहाबाद लखनऊ का दशहरी, बागपत व सहारनपुर के रटौल समेत प्रदेश के अलग-अलग जनपदों व मंडलों में पैदा होने वाली आम की किस्में वहां की माटी की सुगंध व मिठास के जरिए इस महोत्सव में आए हर व्यक्ति को आकर्षित कर रही है और यही यूपी की ताकत है।
प्लेटफार्म पर साझा हों किसानों के अनुभव
सीएम ने मंच पर सम्मानित होने वाले किसानों से उत्पादन के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि एक दिन औद्यानिक फसल से जुड़े किसान से बातचीत हो रही थी। वह प्राकृतिक तरीके से बाग में कीड़ों को नष्ट करने के तरीके बता रहे थे। उनका कहना था कि वह खुद तो इसका उपयोग करते हैं, लेकिन उनके अनुभव को प्लेटफॉर्म न मिलने से अन्य किसानों को व्यापक लाभ नहीं मिल पाता। इसे देखते हुए किसानों को उनके अनुभव साझा करने के लिए अधिक से अधिक प्लेटफॉर्म दिलाने के प्रयास में तेजी लाई जाएगी।
आम की फसल से अच्छा मुनाफा कमा रहे किसान
सीएम ने कहा कि किसान सामान्यत: एक एकड़ में आम की फसल से दो से तीन लाख रुपये मुनाफा कमा रहे हैं। इसमें वैल्यू एडिशन, प्रोसेसिंग जोड़ेंगे, एक्सपोर्ट के लिए तैयार करेंगे मुनाफा और बढ़ जाता है। आम महोत्सव उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के किसानों के लिए भी शोकेसिंग का आधार है। वे अपने उत्पाद प्रस्तुत कर बायर्स-सेलर मीट के माध्यम से इसे वैश्विक पहचान दिला सकते हैं। मलिहाबाद के आम को जीआई टैग प्राप्त होने से उसे वैश्विक पहचान मिली है।
प्रदेश के हर हिस्से में पैदा होता है आम
सीएम ने कहा कि 2017 से यह आयोजन अनवरत हो रहा है। पहले वर्ष महोत्सव में कम वैरायटी आई, लेकिन साल दर साल यह बढ़ता गया। इस साल आम की 800 वैरायटी आईं हैं। इसके साथ ड्रैगन फ्रूट व कमल की ब्रांडिंग भी देखने को मिली। यूपी के सभी 18 मंडलों, 75 जनपदों, 350 तहसीलों और 825 विकास खंडों में आम पैदा होता है। यहां 100 ग्राम से लेकर डेढ़-दो किलो तक वजन वाले आम दिखे। वैरायटी व स्वाद, अन्नदाता किसान व प्रदेश की ताकत को बढ़ाता है।
देश में 26 फीसदी आम का उत्पादन करता है उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कुल आम उत्पादन में उत्तर प्रदेश 26 फीसदी हिस्सेदारी करता है। महोत्सव में 7 श्रेणियों के 56 वर्गों में 800 से अधिक वैरायटी हैं। सीएम ने आम महोत्सव में बायर्स-सेलर्स मीट की सराहना की। कहा कि यूपी में हम लोग ओडीओपी से जुड़े आयोजन करते हैं तो बायर्स-सेलर्स मीट अवश्य रखते हैं। इससे किसानों व उद्यमियों को अपने उत्पाद आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। औद्यानिक फसलों से जुड़े किसान, स्वयं सहायता समूह, पैक हाउस, एक्सपोर्ट, फूड प्रोसेसिंग, नर्सरी मालिक, बैंकर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने वाला मैकेनिज्म, मशीनरी व उपकरण आपूर्तिकर्ता, रिसर्च व डवलपमेंट से जुड़े वैज्ञानिक भी इस कार्यक्रम से जुड़े हैं। उद्यान विभाग ने यूपी में औद्यानिक फसलों के लिए ईकोसिस्टम बनाने का कार्य किया है।
वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहित करते हैं ऐसे महोत्सव
सीएम ने कहा कि दुनिया बदल रही है। तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य में यूपी में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खाद्य प्रसंस्करण, महिला सशक्तीकरण, कृषि आधारित उद्योगों, पर्यटन, रोजगार व निर्यात संवर्धन की दृष्टि से यह बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। ऐसे महोत्सव प्रधानमंत्री जी के वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहित करते हैं और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्रस्तुत करते हैं। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आगे बढ़ने को प्रेरित करती है।
कई देशों में होता है यूपी के आम का निर्यात
सीएम ने कहा कि यूपी ने खुद को भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। यूपी के आम का निर्यात यूके, यूएई, कुवैत, मलेशिया, सिंगापुर, न्यूजीलैंड, बेल्जियम, जापान, इटली, रूस, कतर आदि देशों में हो रहा है। एपीडा जैसी एजेंसियां विदेशों में खरीदार व एफपीओ के बीच सीधा संपर्क स्थापित करती हैं।
काकोरी ब्रांड में दिखता है देश के प्रति समर्पण
सीएम ने मलिहाबादी आम की चर्चा करते हुए कहा कि हमने इसे ‘काकोरी ब्रांड’ दिया है। काकोरी के अमर शहीदों ने देश की आजादी के लिए खुद का बलिदान दिया। उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए हमने इसे यह नाम दिया। काकोरी ब्रांड में देश के प्रति समर्पण का भाव और किसानों की मेहनत की मिठास है।
जेवर एयरपोर्ट के पास बनेगा इंटीग्रेटेड टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट पार्क
सीएम ने कहा कि सहारनपुर, वाराणसी, लखनऊ, अमरोहा में आम के आधुनिक पैक हाउस काम कर रहे हैं। इसके माध्यम से आम की ग्रेडिंग, शॉर्टिंग, पैकिंग कर निर्यात करने की व्यवस्था है। हम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के पास इंटीग्रेटेड टेस्टिंग एंड ट्रीटमेंट पार्क का निर्माण करने जा रहे हैं, जिससे स्थानीय उत्पाद को आसानी से विदेशों में भेज सकें। आम के उत्पादन व गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए फ्रूट कवर बैग तकनीक का भी प्रयोग कर रहे हैं। विभाग ने आम किसानों को डेढ़ करोड़ से अधिक बैग उपलब्ध कराए हैं।
यूपी को बनाएंगे विश्व के सर्वश्रेष्ठ मैंगो वैल्यू चेन का केंद्र
सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विश्व के सर्वश्रेष्ठ मैंगो वैल्यू चेन का केंद्र बनाने के लिए सामूहिक प्रयास हों। रिसर्च, आम की नई पौध के उत्पादन की तकनीक, ड्रोन व एआई बेस्ड फॉर्मिंग को बढ़ाने पर काम करने, क्वालिटी टेस्टिंग, फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन, ब्रांडिंग, ई-कॉमर्स व ग्लोबल एक्सपोर्ट की पूरी व्यवस्था को इंटीग्रेट करने के लिए प्रयास करना होगा।
जीआई टैग के लिए आवेदन करे उद्यान विभाग
सीएम ने कहा कि यूपी के आम की अधिक से अधिक वैरायटी को जीआई टैग मिले, इसके लिए उद्यान विभाग अभी से आवेदन करे। सीएम ने जोर दिया कि खाद्यान्न, सब्जी, फल आदि यूपी के उत्पाद केमिकल फर्टिलाइजर व पेस्टिसाइड से मुक्त हों। बीज से बाजार तक यह सावधानी बरती जाए। दुनिया आज ऑर्गेनिक उत्पादों की मांग कर रही है। हमें ऑर्गेनिक व ट्रेसेबल उत्पाद को पहुंचाने के लिए अभी से तैयारी करते हुए प्रशिक्षण देना होगा।
मैंगो टूरिज्म की नई पहचान पर जोर
सीएम ने ओडीओसी की चर्चा कर आम के व्यंजनों पर जोर दिया। कहा कि पहले जुलाई में स्कूल, घऱ, गांवों आदि में आम की दावत होती थी। सीएम ने मैंगो टूरिज्म को नई पहचान दिलाने पर जोर दिया। कहा कि किसानों को एग्री इंटरप्रेन्योर्स बनाने की दिशा में बढ़ाना होगा। इसके लिए वैल्यू क्रिएशन, इनोवेशन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना होगा। एआई ड्रोन, सेटेलाइट मैपिंग, प्रिसीजन फॉर्मिंग, सेंसर आधारित सिंचाई और डिजिटल मंडियों के माध्यम से स्मार्ट हॉर्टिकल्चर की तरफ अग्रसर होने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है।
उपज का उचित मूल्य मिलेगा तो युवा भी होंगे आकर्षित
सीएम ने प्रत्येक जनपद में पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, कोल्ड चेन, रैपनिंग सेंटर, पैक हाउस, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और एक्सपोर्ट सुविधा को विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए उद्यान विभाग के साथ ही पीपीपी मोड पर भी काम करना होगा। उपज का उचित मूल्य मिलेगा तो युवा भी कृषि व उद्यमिता की ओर आकर्षित होंगे। स्वयं सहायता समूह मूल्य संवर्धन का नेतृत्व करेंगे और जब हमारे उत्पाद विश्व के प्रमुख बाजारों तक पहुंचेंगे तो पीएम मोदी के विजन ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत’ की संकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही, कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, चिल्लूपार के विधायक राजेश त्रिपाठी, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव (उद्यान/खाद्य प्रसंस्करण) बीएल मीणा आदि मौजूद रहे। अतिथियों का स्वागत उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने किया।


