फर्रुखाबाद। रोजी-रोटी और अपने परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर दिल्ली जा रहे नवाबगंज क्षेत्र के तीन युवकों की एटा में हुए भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना जैसे ही उनके गांव पहुंची, परिवारों में चीख-पुकार मच गई। माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली जा रही रोडवेज बस गुरुवार रात करीब 11 बजे एटा जनपद के बागवाला थाना क्षेत्र के गांव कीलरमऊ के पास अचानक खराब होकर सड़क पर खड़ी हो गई। काफी प्रयास के बाद भी बस स्टार्ट नहीं हुई तो चालक और परिचालक के कहने पर करीब 10 यात्री बस को पीछे से धक्का लगाने लगे। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार से आए एक कंटेनर ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस को धक्का लगा रहे यात्री सीधे कंटेनर की चपेट में आ गए।
इस दर्दनाक हादसे में नवाबगंज थाना क्षेत्र के सुखराम, दौलतपुर निवासी राजेश और उम्मरपुर निवासी शैलेश की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही बागवाला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं कंटेनर चालक के संबंध में भी जांच शुरू कर दी गई है।
उधर, शुक्रवार सुबह जैसे ही तीनों युवकों की मौत की खबर उनके गांवों में पहुंची, परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घरों में महिलाओं की चीख-पुकार और परिजनों के विलाप से माहौल गमगीन हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतकों के घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को सांत्वना देने में जुटे रहे। हर किसी की जुबान पर यही चर्चा रही कि कुछ ही पल पहले तक अपने परिवार के बेहतर भविष्य के लिए सफर पर निकले युवक अब कभी घर वापस नहीं लौटेंगे। इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे नवाबगंज क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।


