अमृतपुर, फर्रुखाबाद
तहसील अमृतपुर इन दिनों कर्मचारियों की भारी कमी के चलते गंभीर प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रही है। राजस्व विभाग के कई महत्वपूर्ण पद रिक्त होने से सरकारी कार्यों की रफ्तार प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपने छोटे-बड़े कार्यों के लिए कई बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमित संसाधनों और कम कर्मचारियों के बावजूद अधिकारी लगातार कार्य करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते कार्यभार के कारण व्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई दे रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार तहसील अमृतपुर में कार्य की आवश्यकता को देखते हुए लगभग 45 लेखपालों की तैनाती होनी चाहिए, जबकि वर्तमान में केवल लगभग 15 लेखपाल ही विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत बताए जा रहे हैं। इससे प्रत्येक लेखपाल के जिम्मे कई गांवों का अतिरिक्त कार्यभार आ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि विवाद, नामांतरण, विरासत, सीमांकन, फसल गिरदावरी,आय-जाति-निवास प्रमाण पत्रों के सत्यापन सहित अनेक कार्य प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।इसी प्रकार तहसील कार्यालय की लिपिकीय व्यवस्था भी कर्मचारियों की कमी से प्रभावित बताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि जहां कई लिपिकों की आवश्यकता है, वहीं वर्तमान में सीमित कर्मचारियों के सहारे कार्यालय संचालित किया जा रहा है। परिणामस्वरूप फाइलों के निस्तारण में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है और कार्यालयी कार्यों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
तहसील में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार शिकायतें सुनकर संबंधित मामलों में आवश्यक निर्देश भी देते हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण उन निर्देशों के क्रियान्वयन और अभिलेखीय प्रक्रिया में विलंब होने की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रहती हैं। इससे कई आवेदकों को अपने कार्य की प्रगति जानने के लिए बार-बार कार्यालय आना पड़ता है।स्थिति इसलिए भी चिंताजनक मानी जा रही है क्योंकि अगले कुछ सप्ताह में मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। अमृतपुर तहसील का बड़ा हिस्सा हर वर्ष बाढ़ से प्रभावित होता है। बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्य, क्षति का आकलन, प्रभावित परिवारों का सर्वे, राहत सामग्री का वितरण तथा अन्य राजस्व संबंधी जिम्मेदारियां कई गुना बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में पर्याप्त संख्या में लेखपाल और कर्मचारियों का होना प्रशासनिक दृष्टि से अत्यंत आवश्यक माना जाता है।
जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते रिक्त पदों पर नियुक्तियां या अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई तो सामान्य राजस्व कार्यों के साथ-साथ संभावित बाढ़ प्रबंधन की तैयारियां भी प्रभावित हो सकती हैं। वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि कर्मचारियों की कमी का खामियाजा अंततः आम जनता को भुगतना पड़ता है।क्षेत्रीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने शासन तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि तहसील अमृतपुर में रिक्त पड़े लेखपालों एवं लिपिकीय कर्मचारियों के पदों को शीघ्र भरा जाए। उनका कहना है कि पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध होने से राजस्व कार्यों में तेजी आएगी, जनता को समय पर सेवाएं मिलेंगी और बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में प्रशासन और अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकेगा।


