लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को अपना 53वां जन्मदिन पूरे प्रदेश में समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ धूमधाम से मनाया। राजधानी लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में हजारों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बीच अखिलेश यादव ने तलवार से केक काटकर जन्मदिन मनाया। पार्टी के अनुसार, उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए करीब 10 हजार समर्थक पार्टी कार्यालय पहुंचे, जिससे पूरे दिन सपा कार्यालय में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
जन्मदिन के अवसर पर अखिलेश यादव ने पार्टी के लिए ‘सहयोग अभियान’ की शुरुआत करते हुए क्यूआर कोड जारी किया और आम लोगों से 20-20 रुपये का सहयोग देने की अपील की। इस दौरान आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, “हम साल में कई बार जन्मदिन मनाते हैं। जिस दिन केक या लड्डू खाने का मन हो, वही हमारा जन्मदिन होता है।” उन्होंने भाजपा पर भी तीखा हमला बोलते हुए भ्रष्टाचार, संविधान और आस्था के मुद्दों पर सरकार को घेरा तथा भाजपा का नाम बदलकर “भारतीय चीटिंग पार्टी” रखने का तंज कसा।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी सपा कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में जन्मदिन मनाया। वाराणसी में कार्यकर्ताओं ने हवन-पूजन किया और एक पोस्टर में अखिलेश यादव को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में दर्शाया। मुरादाबाद में सांसद रुचि वीरा ने 53 फीट लंबा केक कटवाया, जबकि गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, सैफई समेत कई जिलों में वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर और केक काटकर कार्यक्रम आयोजित किए गए। लखनऊ में दादामियां की दरगाह पर चादर चढ़ाई गई और किन्नर समुदाय ने ढोल-नगाड़ों के साथ नृत्य कर शुभकामनाएं दीं।
उधर, वाराणसी में सपा प्रदेश सचिव लालू यादव द्वारा राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर जुलूस निकालने की घोषणा के बाद पुलिस ने उन्हें एहतियातन घर में ही रोक दिया। इस दौरान उनकी पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य रही।
अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, बसपा प्रमुख मायावती, सपा महासचिव रामगोपाल यादव, चाचा शिवपाल सिंह यादव सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। राजनीतिक हलकों में अखिलेश का यह जन्मदिन शक्ति प्रदर्शन और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।


