फर्रुखाबाद। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जनपद में 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों (बूथों) के विभाजन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंगलवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदेय स्थलों के पुनर्गठन, नए बूथों के प्रस्ताव तथा राजनीतिक दलों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित करने पर चर्चा की गई।
बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी , उपजिलाधिकारी , अपर उपजिलाधिकारी के अलावा समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष , भाजपा के जिला संयोजक (चुनाव प्रबंधन) , बहुजन समाज पार्टी के प्रभारी , कांग्रेस प्रवक्ता , अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष , सीपीआई(एम) के जिलाध्यक्ष तथा आम आदमी पार्टी के जिला सचिव उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि जनपद में वर्तमान में कुल 1642 मतदेय स्थल हैं। इनमें फर्रुखाबाद विधानसभा क्षेत्र में एक तथा भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में एक नया मतदेय स्थल प्रस्तावित किया गया है। वहीं मतदाताओं की संख्या कम होने के कारण फर्रुखाबाद विधानसभा के 24 तथा भोजपुर विधानसभा के 8 मतदेय स्थलों का समायोजन प्रस्तावित है। इसके अलावा अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र में भौतिक सत्यापन के दौरान एक जर्जर मतदेय स्थल भवन चिन्हित किया गया है, जिसे स्थानांतरित किया जाएगा।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि मतदेय स्थलों का विभाजन शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी परिवार के मतदाता अलग-अलग बूथों पर न बंटें तथा मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने में अनावश्यक दूरी तय न करनी पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में संचालित बूथों को सुरक्षित एवं स्थायी भवनों में स्थानांतरित किया जाए और किसी भी राजनीतिक दल या श्रमिक संगठन के कार्यालय से 200 मीटर के भीतर मतदान केंद्र स्थापित न किया जाए।
निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 4 जुलाई 2026 को मतदेय स्थलों की प्रारूप सूची प्रकाशित की जाएगी तथा उसकी प्रति सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। प्राप्त आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के बाद 18 जुलाई तक अंतिम सूची तैयार की जाएगी, जबकि 31 जुलाई तक प्रस्ताव आयोग को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा।
बैठक के अंत में जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतदेय स्थलों के संबंध में अपने सुझाव और आपत्तियां समय से उपलब्ध कराएं, ताकि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए निष्पक्ष, सुगम और व्यवस्थित मतदान व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।


