लखनऊ। राजधानी में अवैध निर्माण को लेकर के उपाध्यक्ष का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि लखनऊ में केवल 6 प्रतिशत भवनों के नक्शे स्वीकृत हैं, जबकि 94 प्रतिशत निर्माण अवैध स्थिति में हैं। उनके इस बयान ने राजधानी में भवन निर्माण नियमों के अनुपालन और शहरी नियोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रथमेश कुमार ने कहा कि बड़ी संख्या में भवन बिना विधिवत मानचित्र स्वीकृति या निर्धारित मानकों का पालन किए बनाए गए हैं। ऐसे मामलों में प्राधिकरण लगातार कार्रवाई कर रहा है और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण से पहले मानचित्र स्वीकृत कराना और निर्धारित मानकों का पालन करना प्रत्येक भवन स्वामी की जिम्मेदारी है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ।
एलडीए के उपाध्यक्ष के इस बयान के बाद राजधानी में अवैध निर्माण, भवनों की वैधता और विकास प्राधिकरण की कार्रवाई को लेकर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में भवन वास्तव में नियमों के विपरीत बने हैं, तो उनके नियमितीकरण, सुरक्षा और भविष्य की कार्रवाई को लेकर व्यापक नीति की आवश्यकता होगी।


