आंधी-बारिश और बिजली गिरने से 7 की मौत, सभी 75 जिलों में अलर्ट
लखनऊ। प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मौसम ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली ने जनजीवन प्रभावित कर दिया। अलग-अलग हादसों में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है और 38 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में दक्षिण-पश्चिम मानसून कभी भी उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
मंगलवार सुबह लखनऊ, कानपुर नगर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, देवरिया, सीतापुर, बहराइच, पीलीभीत, गोंडा, रायबरेली, ललितपुर, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, जौनपुर, कानपुर देहात, उन्नाव, रामपुर और मुरादाबाद समेत करीब 20 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए और जलभराव की स्थिति बन गई।
सबसे बड़ा हादसा फिरोजाबाद में हुआ, जहां तेज आंधी के दौरान एक ई-रिक्शा पर पेड़ गिरने से 5 लोगों की मौत हो गई और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बस्ती और महराजगंज में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला और 9 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगभग 19 दिनों से उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा पर रुका हुआ था, लेकिन अब इसके आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। मानसून के प्रवेश के बाद सबसे पहले कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और तराई क्षेत्र में तेज बारिश होने की संभावना है। सामान्यत: 20 जून तक उत्तर प्रदेश पहुंचने वाला मानसून इस बार लगभग 10 दिन की देरी से दस्तक देगा।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।


