फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद (Farrukhabad) से खबर आ रही है कि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) इस समय एक्शन में नजर आ रहे है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने शनिवार को फर्रुखाबाद जनपद में स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जानने के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कमालगंज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी, इमरजेंसी, औषधि वितरण केंद्र, प्रयोगशाला, प्रसव कक्ष, वार्ड, साफ-सफाई, दस्तावेज समेत अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की और साथ ही, मरीजों के बेहतर इलाज के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
खबरों के मुताबिक, डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज में निरीक्षण के दौरान सीएचसी में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह तो उपस्थित मिले, लेकिन पवन प्रताप सिंह (फार्मासिस्ट), डॉ. प्रतिभा रावत (दंत चिकित्सक), उषा देवी (एएनएम), प्रीति यादव (एचआईवी काउंसलर), रिंकी (ओटी टेक्नीशियन), अरविंद कुमार (ऑप्टोमेट्रिस्ट) डॉ. साक्षी दुबे (चिकित्सा अधिकारी) अनुपस्थित रहे, जबकि दीपेंद्र सिंह (बीएचडब्ल्यू) और राजेश कुमार (एसटीएस) ने छुट्टी के लिए आवेदन दिया था, जिसके बाद अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने निरीक्षण के दौरान दौरान दिख रही लापरवाही से बेहद नाराज नजर आए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में समय का पालन, कार्य के प्रति जवाबदेही और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बिना पूर्व अनुमति के ड्यूटी से लापता रहना गंभीर अनुशासनहीनता का संदेश है। इस तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमओ ने निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करने वाले प्रत्येक मामले में जवाबदेही तय की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि अस्पताल परिसर की सभी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखी जाए। इसी तरह का निरीक्षण कार्य जारी रहेगा, किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


