फर्रुखाबाद। लंबित मांगों के निस्तारण को लेकर गुरुवार को आशा कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया। आशा कार्यकर्ता यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचीं और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शासन पर पूर्व में हुए समझौते को लागू नहीं करने का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के बाद यूनियन की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा गया। कार्यकर्ताओं ने कहा कि छह फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री और आशा वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच 13 सूत्रीय मांगों को लेकर सहमति बनी थी। आरोप है कि समझौते के बावजूद मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आशा कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
यूनियन ने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी करते हुए प्रतिमाह 10 हजार रुपये किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड बनाने और आभा आईडी से संबंधित कार्यों की प्रोत्साहन राशि का पूरा भुगतान किए जाने की मांग की गई। पोलियो, फाइलेरिया, दस्तक और संचारी रोग अभियान में कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर प्रतिदिन 500 रुपये करने की मांग भी रखी गई।
कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों से जुड़े पुराने बकायों का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग की। इनमें सी बैंक, टीवीवाई कफ रोग, टीबी स्क्रीनिंग, पोलियो तथा दस्तक-संचारी अभियान सहित पूर्व वर्षों की लंबित प्रोत्साहन राशियां शामिल हैं।
ज्ञापन में आशा कार्यकर्ताओं के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की सीमा में पांच लाख रुपये की अतिरिक्त वृद्धि करने तथा दुर्घटना बीमा की राशि दो लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने की मांग भी शामिल रही। इसके साथ ही चार माह का मातृत्व अवकाश दिए जाने की मांग उठाई गई।
यूनियन पदाधिकारियों ने जीएसकेएस की कमेटियों का गठन कराने और 15 दिसंबर 2025 से छह फरवरी 2026 तक चले आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को पूर्व समझौते के अनुसार वापस लेने की मांग की। साथ ही 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने पर भी जोर दिया गया।
प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और अभियानों को गांव-गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और लंबित भुगतान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान राधा देवी, मंजूलता, रामा देवी, वंदना, संगीता, मीना, ममता, रोली, ऊषा, पिंकी, रेशमा, सुनीता, नीलम, सपना, मिथलेश, सरोजनी और राजकुमारी सहित बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय घेरा


